Friday, June 15, 2012

आखिरकार दादा बने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार : सपा बसपा आये साथ

आखिरकार दादा बने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार : सपा बसपा आये साथ

Friday, 15 June 2012 18:35

नयी दिल्ली, 15 जून (एजेंसी) वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को संप्रग ने आज राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया । तृणमूल कांग्रेस को छोडकर संप्रग के सभी घटक दलों और सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सपा और बसपा ने मुखर्जी के नाम का समर्थन किया । 
महीनों से चल रही अटकलों और सस्पेंस को समाप्त करते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया और घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी ।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है । उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है । संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें 

दिलचस्प बात यह है कि ए पी जे अब्दुल कलाम का नाम आगे करने वाली तृणमूल कांग्रेस एवं सपा में कांग्रेस दरार डालने में कामयाब रही और सपा ने मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया । उत्तर प्रदेश में सपा की धुर विरोधी समझी जाने वाली बसपा ने भी उनके नाम का समर्थन किया ।
सपा के वरिष्ठ नेता एवं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने मुखर्जी के नाम के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रणव दा को अंतत: उम्मीदवार बनाया गया । पार्टी उनका समर्थन करती है और उनकी जीत की कामना करती है ।
इसी तरह बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनउच्च् में संवाददाताओं से कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं । हमारी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है ।

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